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सूर्यकी महिमा तथा अदितिके गर्भसे उनके अवतारका वर्णन ब्रह्मपुराण पृष्ट ६४
यह कथा ब्रह्मपुराण से लिया गया है, जिसमे मुनियों के पूछनेपर ब्रह्माजीने सूर्यकी महिमा तथा अदितिके गर्भसे उनके अवतारका वर्णन…
भगवानकी सेवामें परिहार्य बत्तीस अपराध – बराह पुराण पृष्ट १८०
यह कथा वराह पुराण से ली गई है, जिसमें भगवान वराह ने पृथ्वी देवि के पूछने पर उन बत्तीस अपराधों…
श्रीगंगाजीकी महिमा और उनकी उत्पत्ति पद्मपुराण पृष्ठ न. २०३
यह कथा पद्मपुराण से लिया गया है, जिसमे ब्राह्मणोंके पूछनेपर वेद व्यासजी जी ने श्रीगंगाजीकी महिमा और उनकी उत्पत्ति का वर्णन करते हैं |…
तुलसी – स्तोत्रका वर्णन और महिमा पद्मपुराण पृष्ठ न. २०२
यह कथा पद्मपुराण से लिया गया है, जिसमे ब्राह्मणोंके पूछनेपर वेद व्यासजी ने तुलसी-स्तोत्रकी वर्णन और महिमा बताते हैं | ब्राह्मणोने कहा – गुरुदेव…
तुलसीकी वृक्ष और पत्ते की महिमा पद्मपुराण पृष्ठ न. २००
कार्तिकेयजीने कहा: प्रभो ! रुद्राक्ष और आंवला इन दोनों फलोंकी पवित्रताको तो मै जान गया | अब मैं यह सुनना चाहता…
आँवला की फल की महिमा पद्मपुराण पृष्ठ न. १९८
कार्तिकेयजीने कहा: जगदीश्वर ! मै अन्यान्य फलोंकी पवित्रता के विषयमे भी प्रश्न कर रहा हूँ | सब लोगोके हितके लिए यह…
रुद्राक्षकी उत्पत्ति और महिमा पद्मपुराण पृष्ठ न. १९६
यह कथा पद्मपुराण से लिया गया है, जिसमे ब्राह्मणोंसे पूछेजानेपर बेद व्यासजी रुद्राक्षकी उत्पत्ति और महिमा के वारेमें बताते हैं…






